CBSE board exam 2021

CBSE board exam 2021 not to be cancelled, likely in July, Pokhriyal to share format and exam dates on June 1

As per the final decision taken on the Class 12 CBSE board exam 2021, the exam will be held and most likely in July. Education Minister Ramesh Pokhriyal will share more details, the format, and the CBSE Class 12 board exam dates on June 1.

he CBSE board exam 2021 will not be cancelled and the exam will be most likely held in July like last year amidst Covid protocols, sources confirmed the decision taken at the high-level meeting today between the Centre and the states which is now over.

Education Minister Ramesh Pokhriyal will share more information about format and also the CBSE Class 12 board exam dates on June 1.

The option of holding board exams in 19 major subjects was discussed and found support from many states. For other subjects, a different way will be found for evaluation such as internal assessments.

CHECK THESE OUT (CBSE board exam 2021)

The states have been asked to provide their views on the options in the coming week. A detailed statement will be issued soon.

The decision was taken after more than a month of uncertainty regarding the conduct of the Class 12 CBSE board exam 2021.

Students, teachers and parents had regularly taken to Twitter calling for the cancellation of the Class 12 board exams. Because of the rising number of Covid-19 cases in the second wave, especially of younger people and even children.

Who all attended the meeting?

The high-level meeting conducted on Sunday was chaired by Defence Minister Rajnath Singh. In attendance were Education Minister Ramesh Pokhriyal Nishank, Minister of Women and Child Smriti Zubin Irani, and Information and Broadcasting Minister Prakash Javadekar.

Also present were the education ministers of all states, and the education secretaries and chairpersons of the state examination boards.

Besides, the union education minister had asked teachers, students, parents and others to share their valuable suggestions regarding the board exams and other exams on his Twitter handle.

As Ramesh Pokhriyal said, this is because PM Narendra Modi asked for “wide consultations” with everyone before a final decision was taken on the CBSE board exam 2021.

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UPSC Exam 2021

UPSC Exam 2021: यूपीएससी ने स्थगित की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, अब इस दिन होगी आयोजित

देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा प्रारंभिक UPSC परीक्षा 2021 को स्थगित करने का निर्णय लिया है।

विस्तार
देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2021 को स्थगित करने का निर्णय लिया है।

यूपीएससी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इस संबंध में अधिसूचना जारी की है।

इसके मुताबिक 27 जून को प्रस्तावित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को टाल दिया गया है। अब यह परीक्षा 10 अक्तूबर 2021 को आयोजित की जाएगी।

आयोग द्वारा जारी अधिसूचना में लिखा है कि संघ लोक सेवा आयोग ने कोरोना वायरस (कोविड-19) के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए 27 जून 2021 को आयोजित होने वाली सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2021 को स्थगित कर दिया है।

अब यह परीक्षा 10 अक्तूबर 2021 को आयोजित होगी।

UPSC IAS Exam 2021:

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 27 जून को होने जा रही सिविल सेवा प्रीलिम्‍स परीक्षा को स्थगित कर दिया है. देश में बेकाबू होती कोरोना म…

कोरोना वायरस (कोविड -19) के मौजूदा परिस्थितियों के कारण संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2021 को टाल दिया है।

अब यह परीक्षा 10 अक्टूबर 2021 को आयोजित की जाएगी।

पहले UPSC प्रीलिम्स 2021 का आयोजन 27 जून 2021 को होने वाला था, लेकिन कोरोना संकट के कारण अब इसे स्थगित कर दिया गया है।

आयोग हर साल तीन चरणों- प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार- में सिविल सेवा परीक्षा कराता है जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी चुने जाते हैं।

यूपीएससी ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा कि कोरोना वायरस के कारण पैदा हुई परिस्थितियों के मद्देनजर संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2021 स्थगित कर दी है जो 27 जून 2021 को होनी थी।

अब यह परीक्षा 10 अक्टूबर 2021 को आयोजित की जाएगी।

देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है।

पिछले 24 घंटों के दौरान इस संक्रमण के 3.62 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए तथा लगातार दूसरे दिन 4,000 से ज्यादा मरीजों की मौत हुई है।

इस बीच देश में पिछले 24 घंटों के दौरान 18,94, 991 लोगों को वैक्सीनेशन हुआ। इसके बाद अब तक 17 करोड़ 72 लाख 14 हजार 256 लोगों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार की सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में कोरोना 3,62,727 नए मामले आने के साथ ही संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर दो करोड़ 37 लाख 03 हजार 665 हो गया।

वहीं, इस दौरान 3,52,181 लोग इस महामारी से ठीक हुए, जिसके बाद कोविड-19 को मात देने वालों की संख्या बढ़कर 1,97,34,823 हो गई।

देश में इस समय कोरोना के सक्रिय मामलों में की संख्या 37,10,525 है।

इस दौरान 4,120 मरीज अपनी जान गंवा बैठे और इसके बाद इस महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,58,317 हो गई है।

देश में रिकवरी रेट बढ़कर 83.26 फीसदी और सक्रिय मामलों की दर घटकर 15.65 प्रतिशत हो गई है। वहीं मृत्युदर अभी 1.09 फीसदी है।

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Anupam Kher wins Best Actor Award at New York City International Film Festival

Anupam Kher wins Best Actor Award at New York City International Film Festival

Anupam Kher wins Best Actor Award at New York City International Film Festival

• Anupam Kher wins Best Actor Award for short film Happy Birthday at New York City International Film Festival. Along with this, Happy Birthday has also been selected as the best short film.

• Ahana Kumra is in the lead role with Anupam in this film directed by Prasad Kadam. Short film has been presented by FNP Media. The film also recently made it to the Paris Play Film Festival finals.

Actor Anupam Kher won the Best Actor award at the New York City International Film Festival for the short film titled Happy Birthday. The film also bagged the Best Short Film award at the film festival.

Happy Birthday, which was one of the much-anticipated short films of the year, starring actor Anupam and Aahana Kumra was directed by Prasad Kadam and produced by FNP Media.

Talking about this win, Anupam said, “Thank you New York City International Film Festival (NYCIFF) for this great honour. It’s humbling to be declared the Best Actor in this prestigious film festival. The credit goes to the whole young team of ‘Happy Birthday’ and my co-actor Aahana Kumra, thanks to the director Prasad Kadam, and rest team.”

The movie’s co-producer Girish Johar said, “It’s really overwhelming to receive these two awards at an International Film Festival!! Anupam Sir, is a global icon, the more we say, it always falls short. He is pure GENIUS. Ahaana, a nominee for best actress did exceptionally well.

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अनुपम खेर ने न्यूयॉर्क सिटी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में जीता बेस्ट एक्टर अवॉर्ड


• अनुपम खेर ने न्यू यॉर्कसिटी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में शॉर्ट फिल्म हैप्पी बर्थडे के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड जीता है। इसके साथ ही हैप्पी बर्थडे को भी सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म चुना गया है।
• प्रसाद कदम द्वारा निर्देशित इस फिल्म में अनुपम के साथ आहना कुमरा लीड रोल में हैं। शॉर्ट फिल्म को एफएनपी मीडिया की तरफ से प्रस्तुत किया गया है। इस फिल्म ने हाल ही में पेरिस प्ले फिल्म फेस्टिवल के फाइनल में भी जगह बनाई थी।
• विदित है कि अहाना कुमरा और अनुपम खेर की लघु फिल्म ‘हैप्पी बर्थडे’ को न्यूयॉर्क सिटी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में कई नामांकन मिले थे। अनुपम और अहाना क्रमश सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार के लिए नॉमिनेटिड हुए थे। फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म श्रेणी में भी नामांकन हासिल किया था। वहीं प्रसाद कदम को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार के लिए नामांकन मिला था।

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What took place on 13 April 1919 (on the day of crutches)

What took place on 13 April 1919 (on the day of crutches)

What took place on 13 April 1919 (on the day of crutches)

Jallianwala Bagh near the Golden Temple of Amritsar in Punjab Province of India is still considered one of the most cruel and violent massacres in the world.

Reason:

• A peaceful gathering was called for the purpose of protesting the Roulette Act on the day of crutches in Jallianwala Bagh where the elderly, women-children all were involved in thousands.

• Due to heavy protest, the English government had imposed curfew in some opposition provinces, one of which was Punjab. Having such a large number of people in such a way that the province’s immediate lieutenant Garbnar O ‘ Dyer was ordered to Nagwar Gujra and convey a harsh message to all Indians to order his army to execute this massacre.Lt. Proudner O ‘ Dyer:

• Ireland’s landlord background O ‘ Dyer was quite unpopular due to his anti-India and any political dissatisfaction already crushed in the occasion because of his brutal recruitment in his administration before 1919.

जलियाँवाला बाग : 13 अप्रैल
भारत के पंजाब प्रान्त में स्थित अमृतसर के स्वर्ण मन्दिर के निकट जलियाँवाला बाग में 13 अप्रैल 1919 (बैसाखी के दिन) जो हुआ था वह आज भी दुनिया के सबसे क्रूर व हिंसक नरसंहारों में से एक माना जाता हैं।
कारण :
• जलियाँवाला बाग में बैसाखी के दिन रौलेट एक्ट का विरोध करने के उद्देश्य से एक शांतिपूर्ण सभा बुलाई गई थी जहाँ बूढ़े-जवान, औरतें-बच्चे सभी हज़ारों की तादाद में शामिल थे।
• भारी विरोध के चलते अंग्रेजी सरकार ने कुछ विरोधी प्रान्तों में कर्फ्यू लगा रखा था जिनमें से एक पंजाब भी था। ऐसे में इतनी भारी संख्या में लोगों का एक जगह होना प्रान्त के तात्कालिक लेफ्टिनेंट गर्वनर ओ’डायर को नागवार गुजरा और सभी भारतवासियों को एक कठोर सन्देश देने के लिए उसने अपनी सेना को इस नरसंहार को अंजाम देने का आदेश दिया।
लेफ्टिनेंट गर्वनर ओ’डायर :
• आयरलैंड की जमींदार पृष्ठभूमि वाले ओ’डायर अपनी भारत विरोधी तथा किसी भी राजनीतिक असंतोष को पहले ही अवसर में कुचल देने वाली सोच के अलावा उनके प्रशासन में वर्ष 1919 से पहले हुई निर्मम भर्ती की वजह से काफी अलोकप्रिय थे।
बिना चेतावनी के फ़ायरिंग :
• गर्वनर ओ’डायर के आदेश की पालना करते हुए ब्रिगेडियर जनरल रेजिनॉल्ड डायर के नेतृत्व में “गुरखाज़ राइट, 59 लेफ़्ट के 25 गोरखा और 25 बलूच हथियारबंद सैनिकों ने सभा में उपस्थित भीड़ को बिना कोई मौका दिए फायरिंग शुरू कर दी।
• इस हत्याकांड में हताहतों की संख्या स्पष्ट रूप से सामने नहीं है। अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में जहाँ 484 शहीदों की सूची है तो जलियांवाला बाग में कुल 388 शहीदों की। ब्रिटिश राज के अभिलेख में 200 लोगों के घायल व 379 लोगों के शहीद होने का जिक्र है तो वहीँ अनाधिकारिक आँकड़ों के अनुसार शहीदों की संख्या 1000 से अधिक और घायलों की 2000 से भी ज्यादा हैं।
परिणाम :
• तात्कालिक ब्रिटिश प्रशासन के कुछ दयालु व भारत हितेषी अफसरों की नज़रों से लेकर वर्तमान ब्रिटेन में भी इस दिन को ब्रिटिश साम्राज्य का एक काला अध्याय माना जाता है।
• सत्य यह भी है कि इस हिंसक घटना ने कहीं न कहीं भारत में ब्रिटिश साम्राज्य के राज की उल्टी गिनती शुरू कर दी थी।

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Micro sensor based world's first explosive trace detector launched

Micro sensor based world’s first explosive trace detector launched

Microsensor based world’s first explosive trace detector launched• Recently, Union Education Minister Ramesh Pokhriyal Nishank has launched the world’s first micro sensor based indigenous explosive trace detector (ETD) called Sniffer.• This device is % Made in India. It has been developed by IIT Bombay-associated startup Nanosniff Technologies and its marketing has been done by the byproduct of Startup Critical Solutions linked to IIT Delhi east. With this, its basic technology has been patented in the US and Europe.• This (Micro sensor) will help not only strengthen police, security forces and military security but also civil aviation a new security shield. With the help of this product, even smallest parts of the explosive can be detected and appropriate action can be taken. With this, this affordable device will reduce our dependence on imported explosive trace detector devices.

माइक्रोसेंसर आधारित दुनिया का पहला एक्सप्लोसिव ट्रेस डिटेक्टर लॉन्च
• हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने नैनोस्निफर नामक दुनिया के पहले माइक्रोसेंसर आधारित स्वदेशी एक्सप्लोसिव ट्रेस डिटेक्टर (ईटीडी) लॉन्च किया है।
• यह उपकरण सौ प्रतिशत मेड इन इंडिया है। इसे आइआइटी बांबे से जुड़े स्टार्टअप नैनोस्निफ टेक्नोलाजीस ने विकसित किया है और इसकी मार्केटिंग आइआइटी दिल्ली से पूर्व में जुड़े रहे स्टार्टअप क्रिटिकल साल्यूशंस के बाईप्रोडक्ट विहंत टेक्नोलाजीस ने की है। इसके साथ ही इसकी बुनियादी तकनीक का अमेरिका और यूरोप में पेटेंट कराया गया है।
• इसकी मदद से न केवल पुलिस, सुरक्षा बल और सैन्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी बल्कि नागरिक उड्डयन को भी एक नया सुरक्षा कवच मिलेगा। इस उत्पाद की मदद से विस्फोटक के छोटे-छोटे अंश को भी ढूंढा जा सकता है और उचित कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही यह किफायती उपकरण आयातित विस्फोटक ट्रेस डिटेक्टर उपकरणों पर हमारी निर्भरता को कम करेगा।

नैनोस्निफर
• नैनोस्निफर पहला माइक्रोसेंसर आधारित विस्फोटक ट्रेस डिटेक्टर है, जो 10 सेकेंड से भी कम समय में विस्फोटक सामग्री का पता लगा सकता है। यह अलग-अलग तरह के विस्फोटक को पहचानता है और उन्हें उसी अनुरूप वर्गीकृत भी करता है।
• यह सैन्य, पारंपरिक और घर के बने विस्फोटकों का पता आसानी से लगा लेता है। नैनोस्निफर आवाज और दृश्य दोनों रूप से अलर्ट करता है।
• ध्यातव्य है कि नैनोस्निफर ने पुणे स्थित DRDO की उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (HEMRL) परीक्षण को सफलतापूर्वक पार कर दिया है और देश की उच्च आतंकवाद रोधी बल राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) द्वारा भी इसका परीक्षण भी किया गया है।

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Narendra Modi saluted Guru Harichand Thakur of Matua Sect

Narendra Modi saluted Guru Harichand Thakur of Matua Sect

Prime Minister Narendra Modi paid tribute on the birth anniversary of Guru Harichand Thakur of Matua sect• Prime Minister Narendra Modi saluted Guru Harichand Thakur of Matua sect on 09 April on his birth anniversary and said that his life and ideals strengthen many people. With this, the Prime Minister also shared the speech given during the recent visit to Orakandi Thakur BariMatua community• People of Matua sect are seen linked to lower notch in the alphabet system of Hindus. Matua is a special sect of traditional Hindu community, which considers Harichand Thakur as its god.

  1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतुआ संप्रदाय के गुरु हरिचंद ठाकुर की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 09 अप्रैल को मतुआ संप्रदाय के गुरु हरिचंद ठाकुर की जयंती पर उन्हें नमन किया और कहा कि उनका जीवन और आदर्श अनेक लोगों को ताकत देता है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने हाल में ओराकांडी ठाकुर बाड़ी के भ्रमण के दौरान दिए गए भाषण को भी साझा किया

मतुआ समुदाय
• मतुआ संप्रदाय के लोगों को हिंदुओं की वर्ण व्यवस्था में निचले पायदान से जोड़कर देखा जाता है। मतुआ पारंपरिक हिंदू समुदाय का एक विशेष संप्रदाय हैं, जो हरिचंद ठाकुर को अपना देवता मानता है।
• माना जाता है कि हरिचंद ठाकुर ने मतुआ समुदाय की नींव रखी थी। उनका जन्म लगभग 210 साल (1812 में) पहले गोपालगंज (अब बांग्लादेश) के ओराकांडी में हुआ था। मतुआ सिद्धांत बाद में उनके बेटे गुरुचंद ठाकुर के माध्यम से फैल गया।
• ओराकांडी में हरिचंद ठाकुर और गुरुचंद ठाकुर के निवास और आसपास के क्षेत्र को मतुआ लोग पवित्र स्थान मानते हैं। मतुआ लोगों का का मुख्य मंदिर भी यहीं पर स्थित है।
• हालांकि मतुआ आंदोलन मुख्य रूप से ओराकांडी के आस-पास ही केंद्रित था लेकिन 1947 में भारत की आज़ादी और 1971 में बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के बाद अलग-अलग समय में बड़ी संख्या में मतुआ लोग भारत आ गए थे।
• इस समाज में ऐसे शरणार्थियों की भी बड़ी संख्या है, जिन्हें आजतक भारतीय नागरिकता नहीं मिल पाई है। ऐसे मतुआ शरणार्थी नॉर्थ 24 परगना, साउथ 24 परगना, नदिया, जलपाईगुड़ी, सिलीगुड़ी, कूच बेहार और बर्दवान में फैले हुए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मतुआ समुदाय के गुरु हरिचंद ठाकुर की जयंती पर उन्हें नमन किया और कहा कि उनका जीवन और आदर्श अनेक लोगों को ताकत देता है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि श्री श्री हरिचंद ठाकुर की जयंती पर मैं उन्हें नमन करता हूं. उनका जीवन और आदर्श अनेक लोगों को ताकत देता है. उन्होंने शिक्षा और सामाजिक सशक्तीकरण को बहुत महत्व दिया. उनके मूल्य विनम्र और दयालु मतुआ संप्रदाय के लोगों में प्रदर्शित होते हैं.

हरिचंद ठाकुर के बारे में माना जाता है कि उन्होंने ही मतुआ समुदाय की नींव रखी थी. उनका जन्म बांग्लादेश के गोपालगंज स्थित ओरकांडी में हुआ था. मतुआ लोग पारंपरिक हिंदू समुदाय के एक विशेष संप्रदाय हैं, जो हरिचंद ठाकुर को अपना देवता मानते हैं. हाल ही अपने बांग्लादेश दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ओरकांडी गए थे और वहां उन्होंने मतुआ समुदाय के लोगों को संबोधित किया था.

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Netra Kumanan Qualify for Olympics

Netra Kumanan Qualify for Olympics

Netra Kumanan becomes India’s first female sailor to qualify for Olympics. Netra Kumanan became the first ever Indian woman sailor to qualify for the Tokyo Olympics in the laser radial event at the Mussanah Open Championship, which is an Asian Olympic qualifying event. She achieved this by topping the laser radial competition of the Asian qualifiers in Oman.

Kumanan will be the 10th Indian to qualify for a sailing event in the Olympics, but all the earlier nine had been male athletes. All the earlier nine had made it to the Olympics by getting nominated for quota places that were not filled up through the qualifiers. Kumanan is the first Indian to have booked a direct quota place by topping a qualifier.

• Netra Kumanan becomes the first Indian woman sailor to qualify for the Olympics. He made this achievement by being top ranked in the Musana Open Championship Laser Radial Competition in Oman.• The final race is 20 points that are to happen. Netra has already secured his top spot among Asian players one round already. There is a 21-point difference between his nearest Asian rival Ramya Saravanan. He is also an Indian.

नेत्रा कुमानन ओलिंपिक क्वॉलिफाइ करने वाली भारत की पहली महिला नौकाचालक बनीं
• नेत्रा कुमानन ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाइ करने वाली पहली भारतीय महिला नौकाचालक बन गईं हैं। उन्होंने ओमान में मुसाना ओपन चैंपियनशिप की लेजर रेडियल स्पर्धा में शीर्ष स्थान पर रहकर यह उपलब्धि अपने नाम की।
• अंतिम रेस 20 अंक की है जो होना बाकि है नेत्रा ने एक दौर पहले ही एशियाई खिलाड़ियों में अपना शीर्ष स्थान पक्का कर लिया है। उनकी निकटतम एशियाई प्रतिद्वंद्वी रम्या सरवनन के बीच 21 अंकों का अंतर है। वह भी भारतीय ही है।
• नेत्रा इस तरह ओलिंपिक में नौकायन स्पर्धा के लिए क्वॉलिफाइ करने वाली 10वीं भारतीय होंगी, लेकिन उनसे पहले सभी नौ नौकाचालक पुरुष थे। नछातर सिंह जोहाल (2008), श्राफ और सुमित पटेल (2004), एफ तारापोर और साइरस कामा (1992), केली राव (1988), ध्रुव भंडारी (1984), सोली कांट्रेक्टर और एए बासित (1972) इससे पहले नौकायन में ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाइ करने वाले भारतीय हैं।
• नेत्रा अभी तक एकमात्र भारतीय हैं जिन्होंने क्वॉलिफायर में शीर्ष पर रहकर सीधे कोटा हासिल किया है जबकि इससे पहले नौ ओलिंपिक नौकाचालकों ने कोटा तब हासिल किया जब स्थान भर नहीं पाए थे।
• ज्ञात हो कि लेजर रेडियल ‘सिंगलहेंडेड बोट’ होती है जिसमें चालक अकेला नाव चलाता है।

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World Health Day

World Health Day is being celebrated today

World Health Day is being celebrated today• World Health Day (World Health Day) is celebrated every year on 7 April i.e. today all over the world. The main purpose of this day is to make people aware of health issues.• Every year World Health Day has different themes. The theme of World Health Day for 2020 this year is ‘Building a fair, healthier world’.• WHO i.e. the foundation day of the World Health Organization is celebrated every year as World Health Day. WHO’s first World Health Assembly was held in 1950, which was decided to celebrate this day every year.

आज मनाया जा रहा है विश्व स्वास्थ्य दिवस

• हर साल 7 अप्रैल यानी आज के दिन पूरी दुनिया में विश्व स्वास्थ्य दिवस (वर्ल्ड हेल्थ डे) मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक करना है।
• हर साल विश्व स्वास्थ्य दिवस की अलग-अलग थीम होती है। इस साल यानी 2020 के लिए विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम इस साल वर्ल्ड हेल्थ डे की थीम है ‘एक निष्पक्ष, स्वस्थ दुनिया का निर्माण (‘Building a fairer, healthier world)’ है।
• डब्ल्यूएचओ यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्थापना दिवस को हर साल विश्व स्वास्थ्य दिवस के तौर पर मनाया जाता है। साल 1950 में डब्ल्यूएचओ की पहली विश्व स्वास्थ्य सभा हुई, जिसमें हर वर्ष यह दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था।

विश्व स्वास्थ्य संगठन

• विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना 7 अप्रैल 1948 को की गयी थी। डब्ल्यूएचओ की स्थापना के समय इसके संविधान पर विश्व के 61 देशों ने हस्ताक्षर किए थे और इसकी पहली बैठक 24 जुलाई 1948 को हुई थी। यह संयुक्त राष्ट्र संघ की एक अनुषांगिक इकाई है।
• डब्ल्यूएचओ का मुख्यालय स्विटजरलैंड के जेनेवा शहर में स्थित है। इसका उद्देश्य संसार के लोगो के स्वास्थ्य का स्तर ऊँचा करना है।
• यह विश्व के देशों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर आपसी सहयोग एवं मानक विकसित करने की संस्था है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के 194 सदस्य देश हैं। भारत भी विश्व स्वास्थ्य संगठन का एक सदस्य देश है और इसका भारतीय मुख्यालय भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित है।
• इथियोपिया के डॉक्टर टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसुस विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वर्तमान महानिदेशक हैं।

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