• The Central Government has not made any changes to the current target of controlling inflation for the Reserve Bank of India within a four percent radius.• RBI has been given the responsibility of keeping inflation (inflation) within an average scope of 4 percent for the next five years. This would be easily acceptable to a maximum of 2 percent decrease. Even under the current system, the RBI has been targeted to keep retail inflation at 4 percent with a decrease or increase of 2 percent.• It is said that the government had decided to form a monetary policy committee chaired by the RBI governor in 2016 to keep inflation at a prescribed level. The committee was given the responsibility to fix the policy rate (repo).• The six-member monetary policy committee was given the responsibility of keeping annual inflation at 4 percent in October 2016 until March 31, 2021 It kept the highest limit 6 percent and the minimum limit 2 percent.

In Hindi :

चार प्रतिशत मु्द्रास्फीति का लक्ष्य मार्च 2026 तक बनाए रखने का फैसला
• केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के लिए मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत के दायरे में काबू में रखने के वर्तमान लक्ष्य में कोई बदलाव नहीं किया है।
• आरबीआई को अगले पांच साल तक मुद्रास्फीति (Inflation) को औसतन 4 प्रतिशत के दायरे में रखने की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें सहज रूप से ज्यादा से ज्यादा 2 प्रतिशत की घट-बढ़ स्वीकार्य होगी। मौजूदा व्यवस्था के तहत भी आरबीआई को 2 प्रतिशत की कमी या वृद्धि के साथ खुदरा मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य दिया गया है।
• विदित है कि सरकार ने मुद्रास्फीति को निर्धारित स्तर पर रखने के लिये 2016 में आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता में मौद्रिक नीति समिति गठित करने का निर्णय किया था। समिति को नीतिगत दर (रेपो) तय करने की जिम्मेदारी दी गयी थी।
• छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति को अक्टूबर 2016 में सालाना मुद्रास्फीति 31 मार्च, 2021 तक 4 प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी दी गयी थी। इसमें उच्चतम सीमा 6 प्रतिशत और न्यूनतम सीमा 2 प्रतिशत रखी गयी थी।

मौद्रिक नीति समिति
• मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) भारत सरकार द्वारा गठित एक समिति है जिसका गठन वाणिज्यिक बैंकों के लिए ब्याज दर निर्धारण, अर्थव्यवस्था में समावेशी विकास तथा सरकार द्वारा निर्धारित उद्देश्यों को प्राप्त करने हेतु 27 जून, 2016 को किया गया था।
• भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम-1934 में संशोधन करते हुए भारत में नीति निर्माण का कार्य नवगठित मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) को सौंप दिया गया है।
• नई एमपीसी में छह सदस्यों का एक पैनल है जिसमें तीन सदस्य आरबीआई से होंगे और तीन अन्य स्वतंत्र सदस्य भारत सरकार द्वारा चुने जाते हैं। आरबीआई के तीन अधिकारीयों में एक गवर्नर, एक डिप्टी गवर्नर तथा कार्यकारी निदेशक शामिल होता है।
• मौद्रिक नीति सर्वसम्मति से निर्णय लेती है। यदि बराबर मत है तो गवर्नर को निर्णायक मत देने का अधिकार होता है।

Visit Our Facebook Page For More Information